वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के केंद्रीय चिकित्सालय में 18 अगस्त 2026 को सतर्कता विभाग की ओर से “प्रिवेंटिव विजिलेंस” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को कार्यों में सतर्कता, पारदर्शिता तथा नैतिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना रहा।

संगोष्ठी का शुभारंभ प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों को पूरी सजगता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कार्यस्थल पर अनावश्यक तनाव से बचते हुए जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन पर भी जोर दिया।
मुख्य सतर्कता अधिकारी अंकुर चंद्रा ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से निवारक सतर्कता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने ईमानदारी, निष्पक्षता और पारदर्शिता को कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की।

उन्होंने बताया कि प्रिवेंटिव विजिलेंस का उद्देश्य अनियमितता होने के बाद कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि संभावित त्रुटियों और अनियमितताओं को पहले ही रोकने के लिए जागरूकता एवं बेहतर कार्यप्रणाली विकसित करना है।
कार्यक्रम में उप मुख्य सतर्कता अधिकारी नीरज सिंह सहित चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।







