पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन। गंगा सतलुज एक्सप्रेस से रविवार तड़के करीब 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची को सकुशल रेस्क्यू किया गया। जानकारी के अनुसार, बच्ची अकेली और डरी-सहमी हालत में यात्रा कर रही थी। यात्री राकेश शर्मा ने उससे बातचीत के बाद स्थिति संदिग्ध पाई और चंदौली के पत्रकार शेख टीपू सुल्तान को सूचना दी। सूचना पर आरपीएफ की मदद से पीडीडीयू जंक्शन पर बच्ची को ट्रेन से उतारकर सुरक्षित संरक्षण में लिया गया।
पूछताछ में बच्ची ने अपना नाम सोना सिंह बताया और कथित तौर पर कहा कि उसे एक महिला गया स्टेशन पर छोड़कर गई थी तथा बनारस में माता-पिता से मिलने की बात कही थी। उसके शरीर पर पुराने चोट के निशान भी बताए गए हैं। उसके सामान से एक चाकू और एक मोबाइल नंबर की पर्ची मिलने की बात सामने आई है। बच्ची ने दावा किया कि ‘पूजा दीदी’ नाम की एक अन्य लड़की ने आत्मरक्षा के लिए उसे चाकू दिया था।
जांच के दौरान मोबाइल नंबर के सिम पंजीकरण और व्हाट्सऐप प्रोफाइल को लेकर भी संदिग्ध तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। कॉल करने पर महिला द्वारा मधुबनी का निवासी बताए जाने और बच्ची का नाम सामने आते ही फोन काट देने की बात कही गई है।मामले में बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश तक कथित मानव तस्करी नेटवर्क की आशंका जताई गई है।
हालांकि, तस्करी, देह व्यापार, नशीली दवाओं और अन्य गंभीर आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आरपीएफ, जीआरपी और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट से पूरे मामले की गहन जांच और बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।




