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वाराणसी में एसीपी ने छात्र-छात्राओं को सिखाई कानून की बारीकियां

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वाराणसी: उत्तर प्रदेश पुलिस ने SPEL (स्टूडेंट पुलिस एक्सपीरियंशियल लर्निंग प्रोग्राम) के तहत छात्रों को पुलिस कार्यप्रणाली और चुनौतियों से परिचित कराने का अनूठा कदम उठाया है। इस प्रोग्राम में प्रदेशभर के थानों से 5-6 अंडरग्रेजुएट छात्रों का चयन किया गया है।

इन छात्रों को पुलिस की वर्किंग, चुनौतियों और उनके समाज से जुड़ाव के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान के तहत सनबीम स्कूल के विद्यार्थियों को कम्युनिटी पुलिसिंग से अवगत कराया गया। एसीपी विदूष सक्सेना ने उन्हें कानून की बारीकियां सिखाईं। 

एक महीने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
यह प्रोग्राम एक महीने का है, जिसमें छात्रों को थाने के कामकाज से लेकर अन्य पुलिस कार्यालयों की गतिविधियों तक की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया, रजिस्टर में एंट्री, विवेचना का संचालन, और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव दिया जाएगा। साथ ही, उन्हें पुलिस की चुनौतियों, सामुदायिक पुलिसिंग, और कम्युनिकेटिव तरीके से सहायता करने के तौर-तरीकों से भी अवगत कराया जाएगा।

समाज और पुलिस के बीच बेहतर जुड़ाव
एसीपी के अनुसार, यह प्रोग्राम न केवल छात्रों को सिविल सर्विसेज और पुलिस कार्यशैली के प्रति प्रेरित करेगा, बल्कि उन्हें समाज और कानून व्यवस्था के महत्व को भी समझाएगा।

इससे छात्रों को साइबर क्राइम, गैंग रेप, और अन्य आपराधिक घटनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा, जिससे वे खुद और समाज को सुरक्षित रखने में योगदान दे सकें।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।