चन्दौली/डीडीयू नगर। भारत भूमि की धर्म और न्याय की परंपरा के प्रतीक श्री चित्रगुप्त भगवान की उमा जगत निकेतन, संस्कृत नगर, भोगवार, मुगलसराय में विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न हुई।
शास्त्रों के अनुसार, भगवान चित्रगुप्त को ब्रह्मा जी ने सृष्टि की न्याय व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्पन्न किया। उन्हें कर्मों के अदृश्य लेखाकार के रूप में जाना जाता है। वे प्रत्येक जीव के अच्छे-बुरे कर्मों का लेखा जोखा रखते हैं और मृत्यु के पश्चात यमराज को बताते हैं कि आत्मा को स्वर्ग या नरक का अधिकारी बनना चाहिए।
पूजा में उपस्थित वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों ने भगवान चित्रगुप्त के सत्य, न्याय और धर्म के संदेश को याद करते हुए अपने जीवन में धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष राजनीतिक प्रकोष्ठ डॉ. आनंद श्रीवास्तव, राष्ट्र उपाध्यक्ष रतन श्रीवास्तव, राष्ट्र सचिव संजय श्रीवास्तव, महासचिव सुनील श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव, प्रदेश सचिव देवेंद्र श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित थे।









