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Varanasi: गिरिजाघर या गोदौलिया, रोपवे की अंतिम स्टेशन पर संशय बरकरार, अगले प्रजेंटेशन में बनेगी रूपरेखा

Varanasi: गोदौलिया तक रोपवे ले जाने में तमाम तरह की अड़चनों के बाद इसकी डिजाइन में बदलाव पर विचार किया जा रहा है। अब गिरिजाघर तक ही रोपवे निर्माण की चर्चा शुरू हो गई है। 10 दिन बाद होने वाले अगले प्रजेंटेशन में इसको लेकर रूपरेखा तय हो सकती है।

रोपवे की कुल दूरी 3.85 किलोमीटर है। योजना की लागत 807 करोड़ रुपये है। कैंट से गोदौलिया चौराहे तक कुल पांच स्टेशन होंगे। इसमें कैंट रेलवे स्टेशन, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरिजाघर और गोदौलिया चौराहा पर स्टेशन बनेगा। कैंट, काशी विद्यापीठ और रथायात्रा पर स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम दौर में पहुंच गया है। गिरिजाघर पर काम शुरू हुआ है।

गोदौलिया स्टेशन के लिए एनएचएलएमएल की टेक्निकल टीम जीपीआर तकनीकी से सर्वे कर रही है। जल्द ही अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। इसके बाद प्रजेंटेशन में निर्णय लिया जाएगा। हालांकि वीडीए सचिव डा. वेद प्रकाश मिश्रा के अनुसार गोदौलिया तक रोपवे निर्माण होना है। डिजाइन में बदलाव की अभी कोई सूचना नहीं है।  

शहर दक्षिणी विधायक डा. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि पिछले दिनों गिरिजाघर का निरीक्षण करने गया था। उस दौरान जनता की समस्याओं को देखते हुए रोपवे के अधिकारियों से आग्रह किया था कि इसे गिरिजाघर तक ही बनाएं। हालांकि अभी तक इसको लेकर अधिकारियों ने कोई सूचना नहीं दी है। मंडलायुक्त कौशलराज शर्मा ने बताया कि कार्यदायी एजेंसी की टेक्निकल टीम सर्वे कर रही है।

10 दिन बाद रिपोर्ट देगी। इसके बाद जनप्रतिनिधियों संग मीटिंग की जाएगी। इसमें तय होगा कि रोपवे का आखिरी स्टेशन कहां होगा। यदि गिरिजाघर आखिरी स्टेशन हुआ तो डिजाइन में बदलाव किया जाएगा।

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