वाराणसी: बच्चों को कुपोषण से मुक्त रखने और उनके स्वास्थ्य में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग एक माह तक चलने वाला विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभियान के तहत नौनिहालों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि यह अभियान हर बुधवार और शनिवार को आयोजित होने वाले ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस के अतिरिक्त सोमवार को भी आयोजित किया जाएगा।
अभियान की मुख्य गतिविधियां
• पूर्ण टीकाकरण: 24 माह तक के बच्चों का सम्पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करना।
• वजन लेना: बच्चों का नियमित वजन कराना और अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित करना।
• विटामिन ए की खुराक: सभी लक्षित बच्चों को नियमित रूप से विटामिन ए की खुराक देना।
• जन जागरूकता: स्तनपान के महत्व और आयोडीन युक्त नमक के प्रयोग के प्रति जागरूक करना।
• आयरन सिरप: 7 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को आयरन सिरप पिलाना।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एके मौर्या ने बताया कि 9 माह से 12 माह के बच्चों को पहली खुराक एमआर 1 टीके के साथ दी जाएगी। दूसरी खुराक 16 से 24 माह में एमआर 2 टीके के साथ और तीसरी से 9वीं खुराक हर 6 महीने के अंतराल पर दी जाएगी। 9 माह से 1 वर्ष तक के बच्चों को आधा चम्मच (1 एमएल) और 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों को 1 चम्मच (2 एमएल) विटामिन ए की खुराक दी जाएगी।
विटामिन ए की महत्ता
डॉ. मौर्या ने बताया कि विटामिन ए की कमी से बच्चों में नजर कमजोर होना, रात में कम दिखाई देना, अंधापन, रूखी त्वचा और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ हड्डियों और झिल्ली (म्युकोसा) के विकास में भी सहायक है।
ग्रामीण समुदाय में जागरूकता
अभियान के दौरान महिला कार्यकर्ता ग्रामीण महिलाओं को आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की आवश्यकता बताएंगी। इसका उद्देश्य बच्चों को आयोडीन की कमी से होने वाले रोगों से बचाना है।









