गाजीपुर। सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन गाजीपुर के भीमापार क्षेत्र में यह योजना अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है।

क्षेत्र के मंगारी, दलीपरायपट्टी, मलौरा, बरहपार भोजूराय समेत कई गांवों में पाइपलाइन बिछाने के लिए सार्वजनिक रास्तों और खड़ंजों की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद उनकी मरम्मत नहीं कराई गई।
खुदाई के बाद छोड़ दिए गए रास्ते, हादसे की आशंका
ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार ने सड़कों को खोदकर अधूरा छोड़ दिया, जिसके चलते जगह-जगह गड्ढे और टूटी ईंटें बिखरी पड़ी हैं। रात के समय वहां से गुजरना बेहद खतरनाक हो गया है। कई बार ग्रामीण गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
मंगारी निवासी दयाल कुशवाहा ने बताया,“खड़ंजे की ईंटें उखाड़कर वैसे ही छोड़ दी गई हैं। रात में लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।”
ठेकेदार और जल निगम पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार और जल निगम दोनों इस समस्या को लेकर पूरी तरह उदासीन हैं। न तो मरम्मत कराई जा रही है और न ही सुरक्षा के लिए कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग लगाई गई है।
दलीपरायपट्टी और मलौरा गांवों में स्थिति इतनी खराब है कि वहां बच्चों और बुजुर्गों का चलना-फिरना भी मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान ये रास्ते कीचड़ में तब्दील हो जाते हैं।
जेई ने बजट की कमी बताई वजह
इस मामले में पूछे जाने पर जल निगम के जेई अरुण कुमार ने कहा, “इस समय बजट की समस्या है, इसलिए ठेकेदार काम नहीं कर रहे हैं। जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।”
ग्रामीण बोले -विकास नहीं, विनाश का नमूना
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन की आड़ में गांव की सड़कों को बर्बाद कर दिया गया है। काम अधूरा छोड़ने से न सिर्फ लोगों की आवाजाही बाधित हुई है बल्कि कई हादसे भी हो चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द मरम्मत नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
ब्यूरोचीफ – संजय यादव









