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मिर्जापुर: अल्ट्रासाउंड डॉक्टरों ने व्यक्ति की ‘जन्म से किडनी गायब’ बताई, पीड़ित ने डीएम से की कार्रवाई की मांग

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मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी स्वायत्तशासी मेडिकल कॉलेज अंतर्गत मंडलीय चिकित्सालय एक बार फिर गंभीर लापरवाही के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। 19 नवंबर को अल्ट्रासाउंड विभाग में हुए कथित कारनामे ने मेडिकल स्टाफ की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीड़ित अधिवक्ता अजीत कुमार सिंह, निवासी ग्राम लखौली, थाना को० दैहात, ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों ने फर्जी रिपोर्ट बनाकर उन्हें मानसिक, शारीरिक और आर्थिक क्षति पहुँचाई है।

फर्जी रिपोर्ट: स्वस्थ व्यक्ति की ‘एक किडनी जन्म से गायब’ बताई

पीड़ित अजीत कुमार सिंह ने अपने प्रार्थना पत्र में डीएम मिर्जापुर को बताया कि कमर दर्द की शिकायत पर वे 19 नवंबर की सुबह 10:44 बजे अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर ने उन्हें अल्ट्रासाउंड की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखकर पीड़ित दंग रह गए।
रिपोर्ट में लिखा था कि “दाहिनी तरफ की किडनी जन्म से ही नहीं है।”

जब पीड़ित ने रिपोर्ट डॉक्टरों को दिखायी तो वहाँ मौजूद तीन अन्य डॉक्टरों ने भी आश्चर्यजनक निगाहों से उन्हें देखा। डॉक्टरों के इस बयान से पीड़ित का ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया और उन्हें तुरंत कुर्सी पर बैठाकर बीपी चेक किया गया, जिसमें बीपी 150 से अधिक पाया गया। इसके बाद उन्हें बीपी की दवा देकर समझाया गया कि “एक किडनी पर भी जिया जा सकता है।”

दूसरी जांच में निकली दोनों किडनी बिल्कुल सही

पीड़ित परिवार को पूरे मामले पर संदेह हुआ तो वे उन्हें सतीश डायग्नोस्टिक सेंटर, रामबाग लेकर गए, जहाँ दोबारा अल्ट्रासाउंड कराया गया।
नई रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि दोनों किडनी बिल्कुल सामान्य और स्वस्थ हैं।

पीड़ित का आरोप है कि डॉक्टरों ने फर्जी जांच और गलत रिपोर्ट दी, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, शारीरिक व आर्थिक क्षति पहुँचाई, साथ ही पीड़ित ने अपनी दोनों अल्ट्रासाउंड रिपोर्टें साक्ष्य के रूप में डीएम को सौंपी हैं।

डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग

अजीत कुमार सिंह ने अल्ट्रासाउंड विभाग के डॉ. अंकित शर्मा (MBBS, MD), डॉ. के.के. सिंह, डॉ. एस.के. नायक (सीनियर अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ) और तीन अन्य मेडिकल स्टाफ के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना भी मैदान में, चेतावनी जारी

इस प्रकरण में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना भी पीड़ित के समर्थन में उतर आई है। जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने डीएम से मिलकर शिकायत पत्र सौंपा और कहा कि “जीवन के साथ ऐसा खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी डॉक्टरों को तुरंत हटाया जाए, अन्यथा संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा।”

उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर मंडलीय चिकित्सालय में व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

मौके पर मौजूद प्रमुख लोग

इस दौरान करणी सेना से जुड़े कई पदाधिकारीयों में दिलीप सिंह गहरवार (जिला अध्यक्ष), अभिषेक सिंह धवल (पूर्वांचल सचिव), राकेश सिंह राणा (जिला उपाध्यक्ष), इंस्पेक्टर सिंह शिवम, नगर अध्यक्ष युवराज सिंह, युवा जिला अध्यक्ष ऋषि कुमार सिंह, प्रांजल, शाश्वत सिंह, जंग बहादुर सिंह, एडवोकेट अजीत कुमार सिंह, मधुकर मिश्रा, एडवोकेट अरुण सिंह, एडवोकेट हेमंत कुमार और प्रवीण दीक्षित मौजूद रहे।

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