बलिया । बाबा बालखंडी नाथ धाम, दिउली में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का रविवार को भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि संसार रूपी भवसागर से पार होने का एकमात्र मार्ग भगवान शिव की भक्ति है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जेब में रखा धन यात्रा को सरल बनाता है, उसी प्रकार हृदय में भगवान शिव का वास जीवन को सफल और मोक्षदायी बनाता है।

समापन अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने पंडित प्रदीप मिश्रा का आभार व्यक्त करते हुए घोषणा की कि अधिक मास वर्ष 2029 में पुनः उनके श्रीमुख से शिव महापुराण कथा का आयोजन कराया जाएगा। उन्होंने कथा में शामिल लाखों श्रद्धालुओं के प्रति भी आभार जताया तथा पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं के घर निःशुल्क एक लोटा जल पहुंचाने की घोषणा की।

कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने भगवान कार्तिकेय, द्वादश ज्योतिर्लिंग, राजा दक्ष और नारद जी के प्रसंगों के माध्यम से भक्ति, समर्पण और धर्म की महत्ता का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि 84 लाख योनियों में मानव जीवन ही ऐसा है, जो भक्ति के माध्यम से मोक्ष प्राप्त करने की क्षमता रखता है। भृगु ऋषि की जन्मभूमि को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने बलिया को उनकी तपोभूमि और सिद्धिभूमि बताते हुए इसका आध्यात्मिक महत्व समझाया।
भगवान शिव की आरती और मंगल प्रार्थना के साथ सात दिवसीय कथा का विधिवत समापन हुआ, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
संजय सिंह रिपोर्टिंग बलिया।








