वाराणसी । भारतीय भाषा, संस्कृति एवं कला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में कजरी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने बनारसी और मिर्जापुरी कजरी की मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। “कइसे खेलै जइबू सावन में कजरिया, पिया मेंहदी मंगाइदा मोती झील से, जाइके साइकिल से ना” जैसे लोकगीतों ने कार्यक्रम में सावन की मिठास घोल दी।

कजरी प्रतियोगिता में सुहानी सिंह एवं साक्षी गुप्ता की सहेलियों की टीम ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। अंजलि की टीम दूसरे तथा पूजा गुप्ता की टीम तीसरे स्थान पर रही।


मुख्य अतिथि प्रो. सुधा पांडेय, विशिष्ट अतिथि सुश्री गीता रानी शर्मा एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रविप्रकाश गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रो. सुधा पांडेय ने कहा कि सावन श्रृंगार और प्रसन्नता का महीना है। भारतीय संस्कृति एवं लोक परंपरा में इसका विशेष महत्व है। चारों ओर हरियाली और स्वच्छ वातावरण मन को आनंदित करता है।

कार्यक्रम को गीता रानी शर्मा एवं प्रो. रविप्रकाश गुप्ता ने संबोधित किया। संचालन सांस्कृतिक क्लब प्रभारी डॉ. सुष्मिता तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुधा तिवारी ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।







