गाजीपुर। जिले के मरदह क्षेत्र में बरसात के बाद से जलजमाव की समस्या ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। वार्ड नंबर 14 में संत रविदास मंदिर के बगल से गुजर रहे सार्वजनिक चकरोड मार्ग पर पिछले एक महीने से पानी भरा है। स्थिति इतनी खराब है कि वाहन तो दूर, पैदल गुजरना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी
ग्रामीणों ने कई बार शिकायत करने के बावजूद जब जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।
“पांच जनप्रतिनिधियों को चुना, पर कोई नहीं ले रहा सुध”
गांव के निवासी विशुनी पासवान ने कहा,“हमने पांच जनप्रतिनिधियों को वोट देकर अपना हितैषी बनाया, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। अब हम अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि जलजमाव के कारण बच्चे स्कूल जाना छोड़ चुके हैं, क्योंकि रास्ते में फिसलकर घायल हो रहे हैं। वहीं बुजुर्ग घरों में कैद हैं और सैकड़ों किसानों की धान की फसल जलमग्न हो चुकी है।
नाले की सफाई न होने से बिगड़ी स्थिति
ग्रामीणों ने बताया कि बगल में स्थित नाले की सफाई न होने के कारण पानी की निकासी रुक गई है। इससे पूरे इलाके में महीनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। श्याम मुराली ने कहा कि धान की फसल पूरी तरह तैयार है लेकिन पानी न निकलने से किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
मतदान बहिष्कार की चेतावनी
ग्रामीणों में सुरज पासवान, नंदू राजभर, विशाल पासवान, कृष पासवान, शर्मा राजभर, दीपक राजभर, उर्मिला देवी, रामसोच राजभर और सवरू पासवान ने चेतावनी दी है कि “जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, हम आगामी चुनावों में मतदान नहीं करेंगे। इसकी जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों की होगी।”
प्रशासन ने दिया समाधान का भरोसा
इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी कुमार गौरव ने कहा कि “स्थल निरीक्षण कर लिया गया है, जल्द ही पानी निकासी और मार्ग सुधार की कार्रवाई की जाएगी।
ब्यूरोचीफ– संजय यादव









