वाराणसी: जहां एक ओर राज्य सरकार नशामुक्त समाज की दिशा में सख्त कदम उठा रही है, वहीं ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र में देर रात तक खुलेआम शराब और बियर की अवैध बिक्री जारी है।
ओरियाना हॉस्पिटल के सामने, जहां से भेलूपुर थाना महज आधा किलोमीटर की दूरी पर है, रोज़ाना रात के प्रतिबंधित समय के बाद भी यह अवैध कारोबार बेरोक-टोक चल रहा है।
कानून की खुलेआम अवहेलना
उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत निर्धारित समय के बाद शराब-बियर की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित है। लेकिन इस क्षेत्र में न तो दुकानों पर ताले लगते हैं, न ही कोई रोक-टोक नजर आती है। सड़क किनारे चल रहे इस नशे के कारोबार से क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां भी बढ़ी हैं, जिससे आमजन खासकर महिलाएं और बुजुर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पुलिस की लापरवाही या मिलीभगत?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब कुछ पुलिस की मिलीभगत या मूक सहमति के बिना संभव नहीं हो सकता। कुछ दिन पहले संकट मोचन चौकी प्रभारी द्वारा एक युवक की गाड़ी सीज़ कर दी गई थी, लेकिन जब बात शराब की खुलेआम बिक्री की आती है तो कानून क्यों मौन हो जाता है? क्या थाना प्रभारी और अधीनस्थ कर्मचारी किसी दबाव या व्यक्तिगत लाभ के कारण कार्रवाई से बच रहे हैं?
जनता के तीखे सवाल:
- क्या यह वर्दी के नाम पर कानून से समझौता नहीं है?
- जब अवैध शराब बिक्री हो रही है, तो पुलिस की भूमिका क्या बची रह जाती है?
- क्या इस अवैध धंधे को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है?
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:
- अवैध शराब-बियर की बिक्री पर तत्काल रोक लगे
- जिम्मेदार अधिकारियों व संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई हो
- क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए









