गाजीपुर: जंगीपुर स्थित शारदा अस्पताल में मंगलवार को इलाज के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे शिशु की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
मृतका की पहचान लावा थाना नोनहरा निवासी ज्योति कश्यप के रूप में हुई है। उसके पति जुगनू कश्यप ने बताया कि रविवार शाम पेट दर्द की शिकायत पर पत्नी को अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद ऑपरेशन और दो यूनिट रक्त की मांग की। जुगनू ने दिल्ली से लौटने के बाद निजी अस्पताल से ₹12,000 खर्च कर रक्त की व्यवस्था की।
परिजनों का आरोप है कि समय रहते ऑपरेशन न करने और रेफर करने में देरी के कारण महिला की जान गई। मंगलवार शाम करीब 5 बजे ज्योति की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे मऊ के फातिमा अस्पताल रेफर कर दिया, जहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतका आठ माह की गर्भवती थी और इससे पहले उसके दो ऑपरेशन सफल रहे थे।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति बिगड़ने पर 112 नंबर पुलिस और जंगीपुर थाने की टीम मौके पर पहुंची और करीब 100 लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। थाना प्रभारी विवेक कुमार तिवारी ने बताया कि परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, वहीं देर रात तक लोग अस्पताल के बाहर कार्रवाई की मांग पर डटे रहे।









