मिर्जापुर। नवरात्र के दूसरे दिन आदिशक्ति मां विंध्यवासिनी के भक्तों ने धाम में भारी भीड़ लगाई। भक्तों ने माता के ब्राह्मचारिणी रूप की पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए जप और षोडशोपचार पूजा की।
जानकारी के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन माता का शैलपुत्री रूप पूजा जाता है, जबकि दूसरे दिन उनका ब्राह्मचारिणी स्वरूप पूजनीय होता है। इस रूप में माता सफेद वस्त्र धारण कर एक हाथ में कमंडल और दूसरे हाथ में माला लिए हुए सभी के लिए आराध्य हैं। मान्यता है कि यह रूप भक्तों के कष्ट दूर करता है और उन्हें सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
धाम में दर्शन के लिए दूर-दराज से आए श्रद्धालु पूरे नवरात्र तक मां की आराधना करते हैं। भक्तों का कहना है कि यहां की व्यवस्थाओं से वे संतुष्ट हैं और मां की कृपा से उनकी सभी मुरादें पूरी होती हैं।

विन्ध्याचल धाम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि बड़ी संख्या में आए भक्तों के दर्शन सुचारू रूप से हो सकें। प्रशासन और मंदिर समिति ने भी इस अवसर पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर रखी हैं।
धाम की आस्था और भव्यता के बीच भक्तजन अपनी श्रद्धा और भक्ति के साथ मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर रहे हैं और नवरात्र की गरिमा को बनाए रख रहे हैं।









