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गोपीगंज में धूमधाम से मनाया गया भरत मिलाप, निकली भव्य झांकियां, दूर-दूर से उमड़े श्रद्धालु

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गोपीगंज। धार्मिक आस्था और परंपरा के प्रतीक भरत मिलाप उत्सव का आयोजन सोमवार को गोपीगंज में भव्य रूप से किया गया। यह उत्सव नगर की प्राचीन धार्मिक परंपराओं में से एक है, जिसे हर वर्ष बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

इस अवसर पर श्रीराम, लक्ष्मण और भरत मिलाप की झांकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। नगर के प्रमुख मार्गों पर सजावट की गई थी, और जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर झांकियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में नगर और आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

भरत मिलाप आयोजन को सफल बनाने में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रह्लाद और नगर के विभिन्न जनप्रतिनिधियों का विशेष योगदान रहा। सभी ने आयोजन में आर्थिक सहयोग और सहयोग प्रदान किया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान शासन-प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था रही। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए।

गोपीगंज का भरत मिलाप अपनी प्राचीनता और भव्यता के लिए प्रसिद्ध है और हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग इस पौराणिक परंपरा को देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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