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छत्तीसगढ़: कुख्यात नक्सली कमांडर माडवी हिडमा सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में ढेर

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छत्तीसगढ़। सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात नक्सली कमांडर माडवी हिडमा (43) को सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है। हिडमा पर देश में नक्सली हिंसा की कई बड़ी घटनाओं की साजिश और नेतृत्व का आरोप था।

दरभा घाटी नरसंहार और सुकमा हमले का था मास्टरमाइंड

हिडमा 2013 के दरभा घाटी नरसंहार, जिसमें कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मारे गए थे, और 2017 के सुकमा हमले, जिसमें CRPF के कई जवान शहीद हुए थे, सहित कम से कम 26 बड़े सशस्त्र हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता था।

पत्नी सहित कई नक्सली भी ढेर

सूत्रों के अनुसार, इस मुठभेड़ में हिडमा की पत्नी राजे भी मारी गई है। इसके अलावा 6 अन्य नक्सलियों के भी ढेर होने की सूचना है।
सुरक्षाबलों ने इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

नक्सल मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि

हिडमा का खात्मा सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, क्योंकि वह दंडकारण्य में नक्सलियों की सैन्य शाखा का प्रमुख चेहरा था और लंबे समय से कई राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ था।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।