नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पानी को लेकर बड़ी चेतावनी सामने आई है। केंद्रीय भूमिजल बोर्ड (CGWB) की नई रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली का भूजल अब पहले जैसा सुरक्षित नहीं रह गया है। रोजमर्रा की जरूरतों में इस्तेमाल होने वाले इस पानी में यूरेनियम जैसे खतरनाक तत्वों के अलावा नाइट्रेट, फ्लोराइड, लेड और अत्यधिक घुलनशील नमक पाए गए हैं। यह तथ्य सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की सेहत का गंभीर मुद्दा बनकर सामने आया है।
कई इलाकों में यूरेनियम की मात्रा सामान्य से अधिक
रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से लिए गए नमूनों में यूरेनियम की मात्रा सीमा से कहीं अधिक दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक यूरेनियम शरीर में धीरे-धीरे जमा होता है और गुर्दों को नुकसान, हड्डियों को कमजोर और अन्य कई अंगों को प्रभावित कर सकता है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि पानी में यह तत्व न तो दिखता है, न स्वाद बदलता है, और लंबे समय तक शरीर में बिना पता चले असर डालता रहता है।
नाइट्रेट, फ्लोराइड और लेड भी बढ़ा रहे जोखिम
CGWB रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कई नमूनों में नाइट्रेट, फ्लोराइड और लेड की मात्रा भी बढ़ी हुई है।
- नाइट्रेट गंदे पानी व खाद के जमीन में रिसने से बढ़ता है और बच्चों के लिए बेहद हानिकारक होता है।
- फ्लोराइड अधिक होने से दांत और हड्डियाँ कमजोर होने लगती हैं।
- लेड (सीसा) दिमागी विकास को प्रभावित करता है और गर्भवती महिलाओं व छोटे बच्चों के लिए खतरनाक है।
इसके अलावा पानी में नमक व घुलनशील पदार्थ (TDS) का स्तर बढ़ने से पानी पीने लायक नहीं रह जाता और इससे पाचन तंत्र व गुर्दों पर दबाव बढ़ता है।
क्या है चुनौती?
रिपोर्ट ने राजधानी की जल गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता प्रदूषण, अनियंत्रित सीवेज रिसाव और अत्यधिक भूजल दोहन इस समस्या की प्रमुख वजहें हैं।









