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वाराणसी: उचक्का ले भागा था मुम्बई की महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर का मोबाइल, लापरवाही पर अस्सी चौकी इंचार्ज सस्पेंड

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वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र के अस्सी घाट पर मुंबई की एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर का मोबाइल छिनने के मामले में लापरवाही बरतने पर अस्सी चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। एसीपी की जांच रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की गई।

मुंबई निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकिता 30 दिसंबर को अपने परिवार के साथ काशी भ्रमण पर आई थीं। अस्सी घाट पर घूमने के दौरान एक उचक्का उनका करीब दो लाख रुपये कीमत का आईफोन छीनकर फरार हो गया। घटना की सूचना अंकिता ने तत्काल अस्सी पुलिस चौकी को दी। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन इसके बाद मामले में सक्रियता नहीं दिखाई।

कीमती मोबाइल खोने से परेशान अंकिता ने मुंबई लौटने के बाद अपने सहयोगियों की मदद से मोबाइल को ट्रेस किया। मोबाइल की लोकेशन चांदपुर क्षेत्र में मिली। अंकिता पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचीं, लेकिन वहां केवल औपचारिक कार्रवाई कर पुलिस लौट गई।

इसके बाद अंकिता ने खुद प्रयास जारी रखते हुए रात करीब दो बजे दोबारा उसी लोकेशन पर पहुंचकर मकान मालिक से कमरा खुलवाया। कमरे की तलाशी में वहां 12 चोरी के मोबाइल बरामद हुए, जिनमें अंकिता का मोबाइल भी शामिल था। मकान मालिक ने बताया कि कमरा एक व्यक्ति को किराये पर दिया गया था, जो मोबाइल चोरी की घटना के बाद से गायब है।

मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को मिलने पर जांच कराई गई। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार की जांच में अस्सी चौकी प्रभारी रोहित त्रिपाठी की गंभीर लापरवाही सामने आई। इसके बाद डीसीपी काशी जोन गौरव वंशवाल ने चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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