डीडीयू नगर। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) डीडीयू द्वारा ऑपरेशन आहट/ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के अंतर्गत चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान में 08 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ डीडीयू प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में आरपीएफ डीडीयू, बचपन बचाओ आंदोलन एवं चाइल्ड हेल्प डेस्क की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
जानकारी के अनुसार, डीडीयू जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों की चेकिंग के दौरान प्लेटफार्म संख्या 08 पर समय लगभग 09:20 बजे गाड़ी संख्या 12987 अप अजमेर–सियालदह एक्सप्रेस के सामान्य कोच में 08 नाबालिग बच्चे यात्रारत पाए गए। संदेह के आधार पर पूछताछ करने पर बच्चों ने अपना नाम और पता बताया।
पूछताछ में क्रम संख्या 1 से 6 तक के नाबालिग बच्चों ने बताया कि वे सभी आपस में योजना बनाकर बिना परिजनों को बताए काम करने के उद्देश्य से जयपुर जा रहे थे। वहीं क्रम संख्या 7 और 8 के बच्चों ने बताया कि वे घर वालों से नाराज होकर बिना बताए अजमेर काम करने के लिए निकल पड़े थे।
सभी नाबालिग बच्चों को ट्रेन से उतारकर रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट डीडीयू लाया गया, जहां चाइल्ड लाइन डीडीयू के स्टाफ के साथ उनकी काउंसलिंग कराई गई। इसके उपरांत बच्चों के परिजनों को उचित माध्यम से सूचना दी गई। अग्रिम कार्रवाई हेतु सभी नाबालिग बच्चों को चाइल्ड लाइन डीडीयू के ऑन-ड्यूटी स्टाफ को सुरक्षित रूप से सुपुर्द किया गया, ताकि उन्हें उनके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके।
इस अभियान में आरपीएफ टीम से उप निरीक्षक अर्चना मीणा, अश्वनी कुमार, सहायक उप निरीक्षक शाहिद खान, सतीश सिंह, आरक्षी अशोक यादव के साथ बचपन बचाओ आंदोलन टीम की सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती चंदा गुप्ता एवं चाइल्ड हेल्प डेस्क टीम की सीमा यादव सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
रिपोर्ट – संजय शर्मा
ब्यूरो, चन्दौली









