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महमूदपुर में जमीन नापी को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने रेलवे दबाव में गलत माप का लगाया आरोप, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

वाराणसी । Lohata थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव में जमीन की नापी को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे अधिकारियों के दबाव में क्षेत्रीय लेखपाल संतोष राणा ने गलत तरीके से जमीन की नापी करने का प्रयास किया, जिसका स्थानीय भू-स्वामियों ने कड़ा विरोध किया।

ग्रामीणों के अनुसार विवादित भूमि आराजी नंबर 233क (0.207 हेक्टेयर) और आराजी नंबर 233ख से संबंधित है। गांव के लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक से 70 कड़ी और 60 कड़ी की दूरी छोड़कर वर्षों से उनके घर, मकान, मंदिर और स्कूल बने हुए हैं। लेकिन आरोप है कि लेखपाल द्वारा रेलवे अधिकारियों के दबाव में 70 और 60 कड़ी की जगह जबरन 72 फुट की नापी की जा रही थी, जिससे कई लोगों की जमीन और निर्माण प्रभावित हो सकते थे।

इस दौरान स्थानीय भू-स्वामी सुरेश गुप्ता, हीरालाल, राजकुमार, रमेश चंद्र गुप्ता, अशोक गुप्ता, रितेश गुप्ता, अनुराग गुप्ता और संतोष गुप्ता सहित कई ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उन्होंने नापी का विरोध करते हुए आक्रोश जताया। ग्रामीणों और रेलवे अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि रेलवे अधिकारियों ने राजस्व विभाग के चकबंदी नक्शे को मानने से इनकार कर दिया। वहीं लेखपाल संतोष राणा पूरे घटनाक्रम के दौरान चुप्पी साधे रहे और उन्होंने न तो राजस्व विभाग के चकबंदी नक्शे के आधार पर नापी कराई और न ही स्थिति स्पष्ट की।

ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले में राजस्व विभाग और रेलवे अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर सही नक्शे के आधार पर नापी कराने की मांग की है।

अशोक कुमार गुप्ता रिपोर्टिंग।

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