Search
Close this search box.

बांसडीह तहसील पर गोंड समुदाय का धरना जारी, छात्र नेता नागेंद्र बहादुर सिंह ने दिया समर्थन

बलिया। Bansdih तहसील परिसर में गोंड समुदाय का धरना 16 अप्रैल 2026 को भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

धरनार्थियों का कहना है कि आजादी से पहले के भू-राजस्व अभिलेखों—1323, 1324, 1345, 1356 और 1359 फसली की खतौनी में स्पष्ट रूप से “गोंड” अंकित है। साथ ही, उत्तर प्रदेश शासन के 3 नवंबर 2021 के शासनादेश में भी निर्देश दिया गया है कि जिन आवेदकों के पूर्वजों के अभिलेखों में गोंड दर्ज है, उन्हें तत्काल अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी किया जाए।

आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन, विशेषकर तहसीलदार नितिन कुमार सिंह द्वारा इस आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे समुदाय में आक्रोश है।

धरना स्थल पर पहुंचे पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक एवं छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष नागेंद्र बहादुर सिंह ‘झुन्नू’ ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि हाल ही में जिन चार लोगों को प्रमाण पत्र जारी किया गया है, उसी आधार पर अन्य पात्र लोगों को भी प्रमाण पत्र दिया जाना चाहिए। उन्होंने दोहरे मापदंड अपनाने का विरोध करते हुए शासनादेश के सख्त अनुपालन की मांग की।

धरने में उमाशंकर गोंड, अरुण गोंड, उमेश कुमार गोंड, विशाल गोंड, मधुसूदन गोंड, सोनू कुमार, पूर्व प्रधान कन्हैया गोंड, शशिकांत गोंड, बाल्मीकि गोंड, हरिकृष्ण गोंड और अमिताभ कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।

Leave a Comment

और पढ़ें