बलिया । जनपद के रसड़ा ब्लॉक क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए अमृत सरोवर बदहाली का शिकार होते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में निर्मित इन सरोवरों में गर्मी शुरू होते ही पानी सूख गया है और अब वहां धूल उड़ रही है। कोटवारी, सिसवार खुर्द, खड़सरा, अमहर पट्टी उत्तर, नागपुर, रसड़ा बाहरी, कमतैला, जाम, बस्तौरा और डेहरी समेत कई गांवों में बने अमृत सरोवर देखरेख के अभाव में अपनी पहचान खोते जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने भूगर्भ जल संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन और जल संचयन के उद्देश्य से यह योजना शुरू की थी, लेकिन समय बीतने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आने लगी। कोटवारी गांव के अमृत सरोवर की सीढ़ियां झाड़-झंखाड़ से भर चुकी हैं और पानी नाम मात्र का बचा है। ग्रामीणों ने नियमित सफाई और पानी की व्यवस्था कराने की मांग की






