बलिया । जनपद के थाना सिकंदरपुर में दर्ज मु0अ0सं0 120/2026 की विवेचना में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। प्रारंभिक शिकायत में आयुष राय पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य प्राप्त हुए, जिनसे यह तथ्य प्रकाश में आया कि घायल आयुष राय ने अपने साथी रोबिन सिंह एवं अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर कथित रूप से एक षड्यंत्र रचा था। आरोप है कि उसने स्वयं को गोली मारकर विपक्षी पक्ष के लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने और उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार आयुष राय के विरुद्ध पूर्व से ही गंभीर धाराओं में छह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। विवेचना में यह भी सामने आया कि उसने अपने चल रहे तथा संभावित अन्य मुकदमों में लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से इस पूरी घटना को अंजाम दिया। मामले में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मूल धाराओं 191(2) एवं 109 बीएनएस को हटाते हुए धारा 61(2), 231, 233 एवं 240 बीएनएस की बढ़ोतरी की है।
प्रभारी निरीक्षक सिकंदरपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी आयुष राय को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। मामले की जानकारी क्षेत्राधिकारी सिकंदरपुर, रजनीश कुमार यादव ने दी।
संजय सिंह रिपोर्टिंग बलिया।






