कानपुर। कोचिंग संचालक विजय प्रकाश गुप्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार इस वारदात को अंजाम देने वाला कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि उनका 18 साल पुराना दोस्त मोहित द्विवेदी निकला। आरोपी ने किसी व्यक्तिगत रंजिश के कारण नहीं, बल्कि करीब 10 लाख रुपये मूल्य के सोने के ब्रेसलेट और चेन लूटने के उद्देश्य से हत्या की साजिश रची थी।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि मोहित द्विवेदी ने घटना से लगभग 15 दिन पहले ही योजना बनानी शुरू कर दी थी। जांच में सामने आया कि आरोपी ने इंटरनेट और अन्य माध्यमों का उपयोग कर पहचान छिपाने तथा पुलिस जांच से बचने के तरीके तलाशे थे।
पुलिस के मुताबिक पहचान छिपाने के लिए आरोपी ने बुर्का, महिलाओं की चप्पल, पर्स, दुपट्टा और दस्ताने पहनकर वारदात को अंजाम दिया। 31 मई की रात वह ऑटो से कोचिंग सेंटर पहुंचा और लूटपाट का प्रयास किया। विरोध होने पर उसने विजय प्रकाश गुप्ता को जोर से धक्का दे दिया, जिससे वे जमीन पर गिर गए और उनके सिर में गंभीर चोट लग गई।
चोट लगने के बाद विजय प्रकाश गुप्ता बेहोश हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। आरोप है कि घटना के बाद मोहित ने उन्हें घसीटकर दूसरे कमरे में पहुंचाया और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और आरोपी से पूछताछ कर अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।







