बलिया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर मंगलवार को वन स्टॉप सेंटर, बलिया में “भारत में महिलाओं के कानून” विषय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (पूर्णकालिक) चन्द्र प्रकाश तिवारी ने की।
उन्होंने महिलाओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005 के तहत बेटियों को पैतृक संपत्ति में बेटों के समान अधिकार प्राप्त हैं। साथ ही बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, पीसीपीएनडीटी अधिनियम, एमटीपी अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि महिलाओं को सामान्य परिस्थितियों में सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार नहीं किया जा सकता तथा कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, समान पारिश्रमिक और मातृत्व लाभ से संबंधित कानून भी महिलाओं को महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान करते हैं।
श्री तिवारी ने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क विधिक सहायता लेने की अपील की। शिविर में वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड लाइन के कर्मचारी, विधि के छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
रिपोर्टिंग बलिया संजय सिंह।










