बलिया। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मतदेय स्थलों के संभाजन (री-ऑर्गनाइजेशन) की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को बूथों के भौतिक सत्यापन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदेय स्थलों का क्रमवार निरीक्षण किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर नए मतदान केंद्रों के लिए उपयुक्त भवनों का चयन किया जाए।

डीएम ने निर्देश दिया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रस्ताव तैयार किए जाएं। प्रारूप सूची प्रकाशित कर आपत्तियां और सुझाव प्राप्त किए जाएं तथा उनके निस्तारण के बाद अंतिम सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी को अनुमोदन के लिए भेजी जाए।
उन्होंने कहा कि मतदेय स्थलों का पुनर्गठन अधिकतम 1200 मतदाताओं के मानक के अनुसार किया जाए। विशेष परिस्थितियों में 300 से कम मतदाताओं वाले बूथ बनाए रखने की स्थिति में उसका कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा। किसी भी बूथ को समाप्त नहीं किया जाएगा और मतदाताओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिए कि सड़क, भवन की स्थिति, क्षमता, बिजली, प्रकाश व्यवस्था, दरवाजे-खिड़कियां तथा चार पहिया वाहन की पहुंच सहित सभी मानकों का मौके पर निरीक्षण करें। प्रत्येक बूथ का फोटो सहित सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बैठक में एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, सभी एसडीएम तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
रिपोर्टिंग बलिया संजय सिंह।










