वाराणसी । जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या के पांच वर्षीय कार्यकाल की पूर्णता पर शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में पूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत के सभी सदस्य, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इस अवसर पर सदस्यों ने पूनम मौर्या का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए उनके कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की प्रशंसा की।
विकास और पारदर्शिता को मिली प्राथमिकता
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पूनम मौर्या के नेतृत्व में जिला पंचायत ने विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने सभी निर्वाचित सदस्यों को समान अवसर प्रदान किया और बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया। सदस्यों ने उनके कार्यकाल को सफल बताते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने कहा कि पांच वर्षों के दौरान उन्हें जिला पंचायत के सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों का पूरा सहयोग मिला। सदन ने हर महत्वपूर्ण निर्णय में उनका साथ दिया, जिसके कारण जिले में कई विकास योजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी हो सकीं। उन्होंने इस सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
जिला पंचायत सदस्यों के मानदेय की उठीं मांग
बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्यों ने मांग रखी कि जिस प्रकार ग्राम प्रधानों को मानदेय दिया जाता है, उसी प्रकार जिला पंचायत सदस्यों के लिए भी मानदेय की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में निर्वाचित प्रतिनिधियों को इसका लाभ मिल सके।
जिला पंचायत सदस्य अमन कुमार सिंह एवं विनीत यादव ने कहा कि पूनम मौर्या के कार्यकाल में सभी सदस्यों को विकास कार्य कराने का समान अवसर मिला। विकास योजनाओं और टेंडरों में पारदर्शिता बनाए रखी गई तथा किसी प्रकार का राजनीतिक भेदभाव नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इसी समावेशी कार्यशैली के कारण जिले में विकास कार्य प्रभावी ढंग से संपन्न हुए।











