लखनऊ। /आजमगढ़ पूर्वांचल किसान यूनियन और सोशलिस्ट किसान सभा ने प्रदेश में यूरिया की कथित कालाबाजारी और किसानों के शोषण का आरोप लगाते हुए कृषि मंत्री के बयान को भ्रामक बताया है। संगठनों के महासचिव वीरेंद्र यादव और राजीव यादव ने कहा कि सरकार के दावों के विपरीत किसान धान की फसल के लिए आवश्यक यूरिया पाने के लिए दुकान-दुकान भटक रहे हैं। उनका आरोप है कि साधन सहकारी समितियों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं है, जिससे किसान मजबूरी में खुले बाजार से अधिक कीमत पर यूरिया खरीद रहे हैं।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्धारित मूल्य 236 रुपये प्रति बोरी होने के बावजूद किसानों को जबरन जिंक और सल्फर के पैकेट के साथ लगभग 600 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों और कुछ दुकानदारों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही दावा किया कि किसानों के साथ बड़े पैमाने पर आर्थिक शोषण हो रहा है।
संगठनों ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने, कालाबाजारी पर रोक लगाने तथा दोषी अधिकारियों और संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को शीघ्र प्रभावी कदम उठाने चाहिए।










