बलिया । रसड़ा भगवान शिव की उपासना, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक सावन मास 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त 2026 तक मनाया जाएगा। इस पवित्र माह में प्रत्येक सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व होता है। श्रद्धालु शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, बेलपत्र, गंगाजल एवं दुग्ध अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का पूजन करते हैं। गांवों से लेकर नगरों तक “ॐ नमः शिवाय” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठता है।

रसड़ा नगर के छोटी काशी लखनेश्वर धाम तथा श्री नाथ बाबा मठ स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्थानीय व्यापारियों एवं समाजसेवियों के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 21 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद स्वरूप भोजन की व्यवस्था की गई है। सामाजिक सहयोग और सेवा भावना इस आयोजन की विशेष पहचान बनी हुई है।

सावन केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव जीवन के गहरे संबंध का भी प्रतीक है। वर्षा ऋतु में धरती हरियाली से आच्छादित हो जाती है, खेत-खलिहान लहलहा उठते हैं और किसानों के मन में नई आशा एवं उत्साह का संचार होता है। यही कारण है कि सावन को भक्ति, समर्पण, नवसृजन और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने वाला पावन माह माना जाता है।
रिपोर्टिंग बलिया संजय सिंह।








