वाराणसी । ‘स्वच्छ काशी, सुंदर काशी’ के संकल्प के तहत नगर निगम द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने का असर करसड़ा स्थित वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट में दिखाई दे रहा है। जनवरी की तुलना में जुलाई 2026 तक यहां कूड़ा प्रसंस्करण में करीब 35.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। जनवरी में 23,569.8 टन कचरे का प्रसंस्करण हुआ था, जो जुलाई में बढ़कर 31,940 टन पहुंच गया। सात महीनों में कुल 1,87,720.5 टन कचरे का निस्तारण किया गया।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्लांट से करीब 50 हजार टन कंपोस्ट तैयार कर विभिन्न उर्वरक कंपनियों को भेजा गया। वहीं, 52 हजार टन रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) का उत्पादन हुआ, जिसकी आपूर्ति देश की सीमेंट फैक्ट्रियों और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांटों को ईंधन के रूप में की गई।शहर से प्रतिदिन करीब 1000 से 1300 टन ठोस कचरा निकलता है।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नागरिकों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में रखकर सफाईकर्मियों को देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से काशी को स्वच्छ और हरित बनाने के अभियान को और गति मिलेगी।









