मिर्जापुर । जिले के अति प्राचीन ए.एस. जुबली इंटर कॉलेज में मंगलवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब विद्यालय के एक कक्ष की छत और भवन का एक हिस्सा अचानक ढह गया। गनीमत रही कि घटना के वक्त विद्यालय में छात्र-छात्राएं नहीं पहुंचे थे। विद्यालय का समय सुबह 7:30 बजे से निर्धारित है और इसी कक्ष में कक्षा 8 की पढ़ाई होती थी।
घटना की जानकारी मिलते ही विद्यालय के चौकीदार ने प्रधानाचार्य राधाकांत त्रिपाठी को सूचना दी। प्रधानाचार्य तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए छात्र-छात्राओं की छुट्टी कर दी। साथ ही घटना की जानकारी संबंधित उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई।
बताया गया कि विद्यालय की इमारत काफी पुरानी है। इसका निर्माण 3 अप्रैल 1885 को बाबू बेनी माधव दास ने कराया था। विद्यालय की कई छतें लंबे समय से जर्जर थीं और बारिश के दौरान टपकने की समस्या भी बनी हुई थी।

विद्यालय के कायाकल्प के लिए प्रोजेक्ट अलंकार के तहत करीब 66 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत है, लेकिन निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। घटना ने जर्जर भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।









