वाराणसी । हाल ही में हुए इंस्टीट्यूट अग्निकांड के बाद शहर के कोचिंग सेंटरों, इंस्टीट्यूटों और अन्य शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन गंभीर हो गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों तथा अन्य सुरक्षा मानकों की नियमित जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

इसी क्रम में पांडेयपुर चौकी प्रभारी दिनेश सिंह ने क्षेत्र स्थित आकाश इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी अलार्म, अग्निशमन यंत्रों, आपातकालीन निकास व्यवस्था और अन्य सुरक्षा संसाधनों की बारीकी से जांच की गई। उन्होंने संस्थान प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

चौकी प्रभारी ने संस्थान संचालकों से सुरक्षा उपकरणों को हमेशा कार्यशील स्थिति में रखने, नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने तथा विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन संबंधी जानकारी देने की भी अपील की। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर इस प्रकार के निरीक्षण अभियान चलाने से संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। साथ ही विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। प्रशासन की यह पहल शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।








