वाराणसी । काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुंदरलाल चिकित्सालय प्रशासन ने अस्पताल परिसर में सक्रिय दलालों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। मरीजों और उनके परिजनों को गुमराह करने वाले संदिग्ध लोगों की तस्वीरें अब अस्पताल की एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित की जा रही हैं, ताकि लोग ऐसे व्यक्तियों से सतर्क रह सकें।
अस्पताल प्रशासन का यह कदम हाल ही में परिसर में हुई मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उठाया गया है। प्रशासन का उद्देश्य अस्पताल में आने वाले मरीजों को सुरक्षित और पारदर्शी चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
बीएचयू छात्र योगेश योगी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अस्पताल में दलाली, मोबाइल चोरी और पॉकेटमारी जैसी घटनाओं से मरीजों और उनके परिवारों को परेशानी होती है। संदिग्ध लोगों की पहचान सार्वजनिक होने से उनमें कानून का भय पैदा होगा और ऐसी गतिविधियों पर रोक लगेगी।
उन्होंने कहा कि वीडियो और तस्वीरों के माध्यम से जागरूकता फैलाने की यह पहल मरीजों के हित में है। साथ ही उन्होंने नव नियुक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुनीत की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए उम्मीद जताई कि लगातार प्रभावी कार्रवाई से सर सुंदरलाल अस्पताल को दलालों और असामाजिक तत्वों से मुक्त करने में मदद मिलेगी।










