कानपुर । देहात में जिलाधिकारी कपिल सिंह की अगुवाई में प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी भूमि संबंधी कार्रवाई करते हुए लगभग 400 करोड़ रुपये के कथित जमीन घोटाले का पर्दाफाश किया है। जांच के दौरान 761 बीघा भूमि को सरकारी संपत्ति घोषित करते हुए पुनः राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि यह भूमि थर्मल पावर प्रोजेक्ट के नाम पर अनियमित तरीके से हस्तांतरित की गई थी, जिसकी जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं।
प्रशासनिक जांच में भूमि आवंटन और दस्तावेजों में व्यापक गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने सख्त कदम उठाए। कमिश्नर कानपुर के निर्देश पर उक्त भूमि को ग्राम सभा में निहित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जबकि विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है।
सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं और रिकॉर्ड में हेरफेर के प्रमाण मिले हैं। जांच एजेंसियां अब पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। डीएम की इस कार्रवाई को सरकारी भूमि की सुरक्षा और अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। इससे जिले में भू-माफियाओं और सरकारी संपत्तियों पर नजर रखने वाले तत्वों में हड़कंप मच गया है।






