लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित Tata Motors के प्लांट से बुधवार को 10 लाखवीं गाड़ी (ई-बस) का फ्लैग ऑफ किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने ई-बस को हरी झंडी दिखाई और स्वयं उसमें सवारी भी की।कार्यक्रम के दौरान N. Chandrasekaran ने मुख्यमंत्री को वाहन की विशेषताओं की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन केवल औद्योगिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने “मोमेंटम” का जिक्र करते हुए कहा कि जहां द्रव्यमान होता है, वहां गति भी होती है, और यही गति प्रदेश को नई ऊर्जा दे रही है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की डबल स्पीड अब जमीन पर दिखाई दे रही है। तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत आधार प्रदान कर रहे हैं।
सीएम योगी ने पूर्व की स्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में कनेक्टिविटी कमजोर थी, संसाधनों की कमी थी और सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं थीं, जिससे निवेशक हिचकिचाते थे। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने बताया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे का लगभग 55 फीसदी उत्तर प्रदेश में है और Ganga Expressway का जल्द लोकार्पण होने वाला है, जिससे यह आंकड़ा 60 फीसदी तक पहुंच जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में केवल दो एयरपोर्ट थे, जबकि आज 16 एयरपोर्ट पूरी तरह क्रियाशील हैं। हाल ही में Narendra Modi द्वारा जेवर में देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट का लोकार्पण भी किया गया है।
उन्होंने कहा कि 34 वर्षों की यात्रा में लखनऊ प्लांट से 10 लाखवें वाहन का उत्पादन एक बड़ी उपलब्धि है, जो उत्तर प्रदेश के ग्लोबल सप्लाई हब बनने की दिशा में मजबूत संकेत देता है।
वहीं, एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि यह प्लांट कॉमर्शियल वाहनों के उत्पादन का प्रमुख केंद्र है, जहां सप्लायर्स, पार्टनर्स और कम्युनिटी का मजबूत इकोसिस्टम मौजूद है। उन्होंने अगले पांच वर्षों में 20 लाख वाहन उत्पादन का लक्ष्य भी रखा।








