बलिया: बांसडीह कस्बा निवासी राकेश तुरहा (32) की करंट लगने से मौत के बाद बुधवार को मामला तनावपूर्ण हो गया। परिजनों व मोहल्ले वालों ने मुआवजा और मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर कचहरी चौराहे पर शव को रखकर करीब दो घंटे तक सड़क जाम कर दिया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में महिलाएं व पुरुष सड़क पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
हादसे का विवरण
राकेश तुरहा की एक निजी घर में बिजली मरम्मत के दौरान करंट लगने से मौत हो गई थी। मृतक के परिजन इसे लापरवाही से हुई मौत बताते हुए दोषियों पर तत्काल एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
प्रशासन के प्रयास
जाम की सूचना मिलने पर कोतवाल संजय सिंह और उपजिलाधिकारी अभिषेक प्रियदर्शी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास किया और मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन भी दिया। उपजिलाधिकारी के निर्देश पर घटनास्थल पर ही एफआईआर की कॉपी दी गई, लेकिन प्रदर्शनकारी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
तनाव बढ़ा, पुलिस पर पथराव
स्थिति तब और बिगड़ गई जब सीओ प्रभात कुमार द्वारा समझाने के दौरान किसी प्रदर्शनकारी ने धक्का-मुक्की कर दी। इसके बाद पुलिस ने शव को बलपूर्वक सड़क से हटाकर वाहन पर रख दिया, जिससे भीड़ भड़क गई। नाराज प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे पुलिस को पीछे हटना पड़ा।
पुलिस का बल प्रयोग, लाठीचार्ज
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई थानों की फोर्स मौके पर तैनात की गई। बाद में शव को अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया और इलाके में शांति बहाल की गई।
ब्यूरो चीफ – अवधेश यादव










