वाराणसी: नवरात्रि और गणेश उत्सव के दौरान काशी में लगने वाले पूजा पंडालों में इस बार सुरक्षा नियम सख्त कर दिए गए हैं। बीते दिनों आत्मेश्वर महादेव मंदिर में आरती के दौरान लगी आग की घटना को देखते हुए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि पंडालों के निकास द्वार को गुफा की शक्ल नहीं दी जाएगी।

फायर ब्रिगेड की एडवाइजरी के अनुसार, सभी पूजा पंडाल समितियों को कार्यक्रम से पहले फायर ब्रिगेड से एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेना अनिवार्य होगा। पंडालों में प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग बनाए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
निर्देश के मुताबिक, निकास द्वार की चौड़ाई कम से कम 5 मीटर होनी चाहिए। अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस बार पंडाल निर्माण की शुरुआत में ही जांच कराई जाएगी, ताकि आयोजन के दौरान किसी भी तरह के खतरे से बचा जा सके और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो।









