वाराणसी: विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उ.प्र. के बैनर तले बनारस के बिजली कर्मचारियों ने आज लगातार 274वें दिन भी बिजली के निजीकरण एवं उपभोक्ताओं के पोस्टपेड कनेक्शन को जबरन प्रीपेड में बदले जाने के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

संघर्ष समिति, पूर्वांचल कमेटी ने आरोप लगाया कि पूर्वांचल डिस्कॉम ने उपभोक्ताओं की सहमति लिए बिना ही दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं के पोस्टपेड कनेक्शन को प्रीपेड में बदल दिया है। वक्ताओं ने कहा कि यह उपभोक्ताओं के अधिकारों का गंभीर हनन है, जिसका समिति कड़ा विरोध करती है।

प्रबंधन से मुलाकात की तैयारी
संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पूर्वांचल डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक से मुलाकात कर इस फैसले को वापस लेने की मांग करेगा। समिति ने चेतावनी दी कि यदि कनेक्शन पुनः पोस्टपेड में नहीं बदले गए तो माननीय मुख्यमंत्री से मिलकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वक्ताओं के मुख्य आरोप
- बिजली निजीकरण का प्रस्ताव उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के हितों के विपरीत।
- उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाकर जबरन प्रीपेड प्रणाली लागू करना।
- संसाधन उपलब्ध कराए बिना फेसियल अटेंडेंस के नाम पर कर्मचारियों का वेतन काटना।
- निजी संस्थाओं को विद्युत वितरण निगमों से उगाही करने का अवसर देना।
सभा को ई. राजेन्द्र सिंह, ई. एस.के. सिंह, अंकुर पांडेय, रामाशीष कुमार, आज़ाद बाबू, आशुतोष राय, नागेंद्र कुमार, छोटेलाल, दिनेश सिंह, कृष्णा सिंह, बंशीलाल, सरोज भूषण, योगेंद्र कुमार, सुशांत गौतम, विशाल कुमार सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।








