मिर्जापुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना विजयादशमी 1925 को हुई थी। इस वर्ष संघ की 100वीं वर्षगांठ पर शताब्दी वर्ष उत्सव पूरे देश में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में अहरौरा नगर के स्वयंसेवकों ने शस्त्र पूजन कर विजयादशमी का पर्व मनाया और उसके बाद नगर में भव्य पथ संचलन निकाला।

स्वयंसेवकों ने “तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहे ना रहे” का जयघोष करते हुए संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है। नगर कार्यवाह अखिलेश जी ने कहा कि संघ में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति राष्ट्र के प्रति संवेदनशील और चरित्रवान बनता है। उन्होंने कहा कि कोविड काल हो, उत्तराखंड त्रासदी हो या बाढ़ प्रभावित क्षेत्र—हर संकट की घड़ी में स्वयंसेवकों ने सबसे पहले पहुंचकर आम जनमानस की सेवा की है।

पथ संचलन में शामिल सैकड़ों स्वयंसेवक नई बाजार स्थित संकट मोचन मंदिर के सामने पंकज सोनकर के आवास पर एकत्र हुए। यहां शस्त्र पूजन के बाद संचलन प्रारंभ हुआ, जो नई बाजार से होकर पियरवा पोखरा, सत्यानगंज, पोखरा साहूवाइन, मेहंदीपुर, रवानी टोला, बूढ़ादेई मार्ग होते हुए पुनः संकट मोचन मंदिर पर संपन्न हुआ।
रिपोर्ट -अनुप कुमार










