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गाजीपुर: धुवार्जुन में घुटने भर पानी में मिली युवक की ‘चोटिल’ लाश, हत्या का मुकदमा दर्ज न करने पर घंटों रहा चक्काजाम

गाजीपुर। सैदपुर थाना क्षेत्र के धुवार्जुन गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब शनिवार की शाम से लापता युवक की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में तालाब में घुटने भर पानी में मिली। मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिलने से हत्या की आशंका गहराने लगी है।

घटना का विवरण
धुवार्जुन गांव के पहला टोला निवासी 35 वर्षीय अरविंद राजभर पुत्र मंगल राजभर शनिवार दोपहर करीब डेढ़-दो बजे घर से मछली पकड़ने के लिए निकले थे। उनके साथ भतीजा विशाल और नाती राहुल भी गए थे। एक घंटे बाद विशाल तो मछली लेकर लौट आया, लेकिन अरविंद वापस नहीं आए। देर शाम जब परिजन खोजबीन करने निकले तो तालाब के पास जोखू यादव के खेत में अरविंद की लाश मिली।

शव मिलने पर मचा कोहराम
शरीर पर चोट के निशान और आंख-मुंह से खून बहने के चलते परिवार ने हत्या की आशंका जताई। मृतक की पत्नी संजना देवी ने बताया कि शव को घर लाने के बाद बनियान हटाने पर पीठ पर घसीटने और पैरों पर चोट के स्पष्ट निशान दिखे। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी कम गहराई (महज कुछ फीट पानी) में डूबकर मौत संभव नहीं है।

गांव में तनाव, पुलिस पर लापरवाही का आरोप
परिजनों ने ग्राम प्रधान बबलू राजभर और गांव के ही रमेश, मुन्ना व राजेश पर हत्या का आरोप लगाते हुए बताया कि इन लोगों ने कुछ माह पूर्व जान से मारने की धमकी दी थी। तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने प्रारंभ में हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया, जिससे परिजन आक्रोशित हो उठे।

घंटों चला चक्काजाम
रविवार सुबह परिजन शव लेकर शादियाबाद-भितरी रोड पर पहुंच गए और सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर सीओ रामकृष्ण तिवारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया-बुझाया।

हत्या का मुकदमा दर्ज, शव पोस्टमार्टम को भेजा गया
लंबे समझौते के बाद पुलिस ने परिजनों की मांग मान ली और दिए गए नामों के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद जाम समाप्त कराया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

सीओ रामकृष्ण तिवारी ने बताया, “परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

मृतक अरविंद दो भाइयों में सबसे बड़ा था और खेती कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उनके पीछे पत्नी और तीन छोटे पुत्र हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ब्यूरो चीफ – संजय यादव

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