चंदौली। दवा व्यवसाई रोहिताश पाल उर्फ रोमी की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुगलसराय कोतवाली पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में हत्याकांड में शामिल तीन साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता कर किया।
क्या है पूरा मामला?
18 नवंबर 2025 की रात दवा व्यवसाई रोहिताश पाल को अज्ञात हमलावर ने गोली मार दी थी। परिजन उन्हें तुरंत निजी अस्पताल ले गए, फिर मेटिस अस्पताल और उसके बाद सर सुंदरलाल ट्रॉमा सेंटर, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना पर मृतक के भाई सिर्धाथ पाल ने मुगलसराय कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया।
गिरफ्तार हुए आरोपी
संयुक्त टीम ने साक्ष्य के आधार पर जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया, उनके नाम हैं ओम प्रकाश जायसवाल (65 वर्ष), निवासी लाट नं. 2, मुगलसराय, मनोज कुमार जायसवाल (60 वर्ष), निवासी गल्ला मंडी चौराहा, मुगलसराय और भानू जायसवाल (65 वर्ष), निवासी जजीद दीप अपार्टमेंट, थाना कैंट, वाराणसी है।
हत्या की वजह: जमीन विवाद
पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ कि मृतक रोहिताश पाल के दादा स्व. राजाराम की कन्हैया टॉकीज की पैतृक संपत्ति को स्व. राजाराम की दूसरी पत्नी की पुत्रियों प्रीति, गीता पाल, उमा पाल, निशा पाल, वीणा पाल—ने फर्जी तरीक़े से अपने नाम वसीयत में दर्ज कराकर कम दामों में भानू जायसवाल को बेच दिया।
भानू जायसवाल उस जमीन पर कब्जा करना चाहते थे, जिसका रोहिताश पाल लगातार विरोध कर रहे थे। रोहिताश ने इस खरीद को चुनौती देते हुए न्यायालय में मुकदमा संख्या 553/23 दाखिल किया था। कब्जा न मिलने से नाराज़ भानू जायसवाल ने ओमप्रकाश और मनोज जायसवाल समेत स्थानीय लोगों से संपर्क किया और मृतक को धमकाकर जमीन कब्जाने की कोशिश की।
जब विरोध जारी रहा, तब अभियुक्तों ने रोहिताश पाल को रास्ते से हटाने की साजिश रची और भाड़े के शूटरों से हत्या करवाई। इस मामले में पुलिस ने 9 टीमों का गठन किया है, जो शामिल शूटरों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। जिला प्रशासन ने दवा व्यवसाई रोहिताश पाल के घर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
रिपोर्ट: संजय शर्मा
ब्यूरो, चंदौली









