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वाराणसी: मणिकर्णिका घाट पर गंगा स्नान के साथ अंतरगृही यात्रा की शुरुआत, 25 किमी नंगे पांव चलकर पूरी की जाती है परिक्रमा

वाराणसी। काशी में गुरुवार की सुबह आध्यात्मिक उल्लास के साथ पारंपरिक अंतरगृही यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रियों ने मणिकर्णिका घाट पर गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना के बाद इस पवित्र यात्रा की शुरुआत की। काशी की यह प्राचीन परंपरा आज भी उतनी ही आस्था और श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।

लगभग 25 किलोमीटर लंबी इस यात्रा को श्रद्धालु नंगे पांव पूरा करते हैं। यात्रा काशी के अलग-अलग मार्गों से गुजरते हुए नगर की परिक्रमा के रूप में संपन्न होती है। काशी के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए।

पंचांग के अनुसार गुरुवार को पूर्णिमा तिथि लगने के कारण यात्रा का शुभारंभ आज किया गया। काशीवासियों में इसे विशेष शुभ माना जाता है।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं ने मार्ग में कई स्थानों पर सेवा स्टॉल लगाए हैं, जहाँ चाय, पानी, नाश्ता, ORS, दवाइयाँ और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी यात्री को यात्रा के दौरान परेशानी न हो।

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