NEET-UG री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार ने भारत में Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि यह कदम परीक्षा से जुड़े संभावित पेपर लीक, अफवाहों और फर्जी सूचनाओं के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से परीक्षा संबंधी संवेदनशील जानकारी साझा किए जाने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
वहीं Telegram के CEO पावेल डुरोव ने इस फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने से लाखों आम उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे, जबकि इससे मूल समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। डुरोव ने कहा कि गलत गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ लक्षित कार्रवाई अधिक प्रभावी हो सकती है।
फिलहाल इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न वर्गों में बहस तेज हो गई है।









