जनपद के लब्धप्रतिष्ठित विद्वान एवं प्रखर चिंतक डॉ. विद्यासागर उपाध्याय अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिले का गौरव बढ़ाने जा रहे हैं। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उन्हें ‘बीज वक्ता’ के रूप में आमंत्रित किया गया है।
‘बुंदेलखंड के साहित्य, समाज और संस्कृति में श्रीराम’ विषय पर केंद्रित इस वृहद आयोजन में भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों से शोधार्थी, प्राध्यापक और ख्यातिलब्ध साहित्यकार भाग लेंगे। आगामी 23 व 24 फरवरी को आठ सत्रों में प्रस्तावित इस संगोष्ठी के प्रथम सत्र में डॉ. उपाध्याय मुख्य वक्ता के रूप में अपना व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में विजय कुमार (पूर्व पुलिस महानिदेशक, तमिलनाडु) उपस्थित रहेंगे, जो कुख्यात अपराधी वीरप्पन के विरुद्ध सफल अभियान के नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं।
संगोष्ठी में अंतरराष्ट्रीय सहभागिता भी उल्लेखनीय रहेगी। नार्वे से डॉ. शरद आलोक, बुल्गारिया से डॉ. मीना कौशिक, ऑस्ट्रेलिया से डॉ. भावना कुँअर, नेपाल से डॉ. श्वेता दीप्ति तथा नीदरलैंड से डॉ. ऋतु शर्मा नंदन पाण्डेय अपने विचार साझा करेंगे। साथ ही रामायण केंद्र भोपाल के निदेशक प्रो. राजेश श्रीवास्तव एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान की संपादक डॉ. अमिता दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।
आयोजन के संयोजक कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. पुनीत बिसारिया हैं। कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह एवं परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर भी आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। संगोष्ठी में 300 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे तथा देश-विदेश के प्रतिभागी ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़ सकेंगे।
डॉ. उपाध्याय को बीज वक्ता मनोनीत किए जाने पर जनपद के साहित्यकारों, शिक्षाविदों और उनके शुभचिंतकों में हर्ष का वातावरण है। प्रबुद्धजनों का विश्वास है कि उनकी सारगर्भित वाणी से राम संस्कृति के अनछुए आयामों पर नई दृष्टि प्राप्त होगी।








