गाजीपुर । जमानियां बिहार से स्थानीय क्षेत्र में हो रहे बालू, मोरंग के अवैध कारोबार पर खनन विभाग के अधिकारी स्थानीय पुलिस के साथ शुक्रवार व शनिवार को कार्रवाई करते हुए नौ वाहनों को सीज किया है। ढाई लाख से ऊपर का जुर्माना भी लगाया है।जमानियां-धरम्मरपुर गंगा पुल इन दिनों अवैध बालू और मोरंग के कारोबार और परिवहन का मुख्य केंद्र बन गया है।
बिहार से अवैध रूप से खनन कर लाए जा रहे बालू और मोरंग के ट्रक व ट्रेलर बेधड़क इस गंगा पुल के रास्ते करंडा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। इस काले कारोबार से न केवल सरकारी राजस्व को भारी चूना लगाया जा रहा है, बल्कि ओवरलोड वाहनों के कारण गंगा पुल की ऊपरी सतह भी क्षतिग्रस्त हो रही है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह पूरा खेल ‘सफेदपोशों’ और स्थानीय प्रशासन की कथित मिलीभगत से फल-फूल रहा है। बिना किसी वैध ई-प्रपत्र या इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) के दर्जनों ट्रक रात के अंधेरे और दिन के उजाले में भी सरपट दौड़ रहे हैं। ओवरलोड वाहनों के कारण पुल की ऊपरी सतह कई जगह क्षतिग्रस्त हो जाने को लेकर नगरवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इसे नहीं रोका गया, तो गंगा पुल किसी भी दिन बड़े हादसे का सबब बन सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की गूंज शासन के उच्चाधिकारियों तक पहुँची, जिसके बाद नींद से जागे खनन विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को सख्त रुख अपनाया।
विभाग ने गंगा पुल मोड़ के पास सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस छापेमारी से अवैध कारोबारियों और चालकों में हड़कंप मच गया। कई वाहन चालक गाड़ियां छोड़कर भाग खड़े हुए। कार्यवाही के दौरान खनन विभाग ने बिना ट्रांजिट पास के नौ बड़े वाहनों को सीज कर दिया। इन सभी वाहनों को तत्काल कोतवाली में खड़ा करा दिया गया है।
विभाग ने इन वाहनों पर ढाई लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया है। खनन निरीक्षक ईश्वरचंद ने बताया कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी सूरत में राजस्व की चोरी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा।
संजय यादव ब्यूरो गाजीपुर।









