वाराणसी। वाराणसी की पुलिस लाइन में 491 महिला आरक्षी प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, जो 20 अप्रैल को पासिंग आउट परेड के बाद औपचारिक रूप से उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बनकर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगी।

योगी आदित्यनाथ सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित इन महिला आरक्षियों को 9 माह के कठोर प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक दक्षता के साथ-साथ आधुनिक पुलिसिंग के सभी पहलुओं में प्रशिक्षित किया गया है।

प्रशिक्षण में सॉफ्ट स्किल, दंगा नियंत्रण, शस्त्र संचालन, साइबर क्राइम, सीसीटीएनएस, फॉरेंसिक साइंस, आपदा प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और कानून की बारीकियों जैसे विषय शामिल रहे। साथ ही भारतीय संविधान, मानवाधिकार, लैंगिक संवेदनशीलता और पुलिसिंग में नैतिकता व जवाबदेही पर भी विशेष जोर दिया गया।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि प्रशिक्षु महिला आरक्षियों को आधुनिक तकनीक के साथ अपराध नियंत्रण और सामाजिक पुलिसिंग के लिए पूरी तरह तैयार किया गया है। वहीं अपर पुलिस उपायुक्त डॉ. ईशान सोनी के अनुसार, प्रशिक्षण के दौरान आरक्षियों को व्यवहारिक पुलिसिंग, अनुशासन और जिम्मेदारी का भी गहन अभ्यास कराया गया है।
मिशन शक्ति अभियान के तहत ये महिला आरक्षी महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी। पिंक बूथ और हेल्पलाइन 1090 जैसी व्यवस्थाओं के साथ ये नारी शक्ति समाज में सुरक्षा का नया भरोसा बनेंगी।
प्रशिक्षु महिला आरक्षियों के लिए पुलिस लाइन में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें आवासीय बैरक, बंक बेड, आरओ वाटर कूलर, कैंटीन, एटीएम और पौष्टिक भोजन के लिए मेस की व्यवस्था शामिल है।
प्रशिक्षु महिला आरक्षियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे केवल पुलिस कर्मी नहीं, बल्कि समाज में बदलाव की वाहक बनना चाहती हैं और महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगी।









