लखनऊ । राजधानी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सौरभ कुमार नामक युवक तीन वर्षों तक खुद को एसडीएम बताकर प्रशासनिक पद का लाभ उठाता रहा। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय तक किसी को उस पर शक तक नहीं हुआ और वह वीआईपी प्रोटोकॉल के साथ अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के बीच सक्रिय रहा।
बताया जा रहा है कि आरोपी कई बैठकों में शामिल हुआ, मंत्री-विधायकों के साथ फोटो खिंचवाए और सरकारी सुविधाओं का भी भरपूर लाभ उठाया। पुलिसकर्मी भी उसे अधिकारी समझकर सलाम करते रहे।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब वह ट्रैफिक नियम तोड़ते हुए गलत दिशा में वाहन चलाते पकड़ा गया। ट्रैफिक पुलिस द्वारा रोकने पर उसने खुद को एसडीएम बताते हुए पहचान पत्र दिखाया, लेकिन जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकला, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया।
पुलिस ने जांच शुरू कर सौरभ कुमार को गिरफ्तार कर लिया। अब इस मामले में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर तीन साल तक प्रशासनिक तंत्र की नजरों से वह कैसे बचा रहा।









