उत्तर प्रदेश। यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद और सीबीएसई के नतीजों की प्रतीक्षा के बीच विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक दबाव को देखते हुए बीएचयू के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. मनोज तिवारी ने महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में कम अंक आना जीवन की असफलता नहीं, बल्कि आगे बेहतर करने का अवसर है। उन्होंने चिंता जताई कि हर वर्ष कई छात्र अपेक्षित परिणाम न आने पर गलत कदम उठा लेते हैं, जबकि धैर्य, मेहनत और सकारात्मक सोच से हर बाधा को पार किया जा सकता है।

डॉ. तिवारी ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने परिणाम की तुलना दूसरों से न करें, नकारात्मक विचारों से दूर रहें और अपने मन की बात परिवार या शिक्षकों से साझा करें। वहीं अभिभावकों से अपील की गई कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, उनकी भावनाओं को समझें और उन्हें प्रोत्साहित करें। शिक्षकों को भी बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और अंक आधारित प्रतिस्पर्धा को कम करने की सलाह दी गई।
उन्होंने कहा कि समाज और मीडिया की भी जिम्मेदारी है कि वे सकारात्मक माहौल बनाएं, ताकि कोई भी छात्र हताश होकर गलत कदम न उठाए। जीवन अनमोल है और हर विद्यार्थी में सफलता पाने की क्षमता है, जरूरत है सही मार्गदर्शन और सहयोग की।









