मीरजापुर। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन अंतरजनपदीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो हाथी दांत, हाथी का जबड़ा, मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। सभी आरोपी प्रयागराज जनपद के निवासी बताए गए हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर लालगंज रेंज, डब्ल्यूसीसीबी गोरखपुर और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने जिगना थाना क्षेत्र स्थित बाबा कलेश्वर मंदिर के पास विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान दोपहर करीब एक बजे तीन संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जो वन्यजीव अवयवों की अवैध खरीद-फरोख्त और तस्करी में संलिप्त पाए गए।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से लगभग 1.49 किलोग्राम वजन के दो हाथी दांत, करीब 800 ग्राम वजन का हाथी का जबड़ा, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन तथा पहचान के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला 10 रुपये का नोट बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अविलेश कुमार शुक्ला, राममनी यादव और देवेश्वर के रूप में हुई है।
वन विभाग ने तीनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों के संरक्षित वन्यजीवों के अंगों की तस्करी से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। अब संयुक्त टीम इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच में जुटी है।
वन अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीव अपराधों के प्रति विभाग की शून्य सहिष्णुता नीति है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। आमजन से भी वन्यजीव तस्करी और शिकार संबंधी सूचनाएं तत्काल विभाग को देने की अपील की गई है।








