उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने पावर कॉर्पोरेशन में भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि अनुभवी कर्मचारियों को हटाकर जाति, धर्म और भ्रष्टाचार के आधार पर अयोग्य लोगों की नियुक्ति की जा रही है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस तरह की भर्तियों का सीधा असर बिजली व्यवस्था और पावर सिस्टम की कार्यक्षमता पर पड़ रहा है। उनका मानना है कि तकनीकी और महत्वपूर्ण पदों पर योग्य एवं अनुभवी कर्मियों की नियुक्ति आवश्यक है, लेकिन इसके विपरीत नियमों की अनदेखी कर नियुक्तियां की जा रही हैं।
पत्र में मंत्री ने भर्ती प्रक्रिया पर नाराजगी जताते हुए भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न होने की चेतावनी भी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली व्यवस्था से जुड़े विभागों में पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर ही नियुक्तियां सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें और विभाग की कार्यप्रणाली प्रभावित न हो।
ऊर्जा मंत्री के इस पत्र के बाद पावर कॉर्पोरेशन की भर्ती प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।










